Ek choti si baat

मैं तो शायद, खामोश ही चलता रहा,

शोर तो बस मेरी तन्हाईयाँ करती रहीं,

कोशिश बेहद थी, तुझे छुपाने की,

और सारी कोशिशें नाकाम होती रहीं,

कुछ पन्नों पर तो दिल भी रोया,

और कुछ पर, बस आँखे नम होती रहीं,

इस कविता में, हाल अपना लिखना चाहा ,

पर ये कलम, बस तेरी कमी लिखती रही,

तस्वीर तेरी में रंग आंसुओं से भरे मैंने,

और दुनिया इन्हें कुछ रंग समझती रही,

इन चंद शब्दों ने तुझे समेटना चाहा है,

पर हर पंक्ति में, तेरी कमी ही बनी रही //

आशु

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Amavas

Jin yadon se kabhi ye dil poonam hua karta tha,

ab unhi yadon se ye dil amavas hua akrta hai………..Ashu

Jatt Di clip 3

Sannu pata kivein kalle raat katti di,

yad teri vich assin dubbe hoye aa,

raanjheya de wangu sada haal chalda,

Ishk ch inna assin khoye hoye aa.

jatt di clip v n news ban gye,

ban gye news jatt moorey aa gya……..

 

Teriyaan saheliyaan ch sadde charche,

Assin naiyo unha vall akh chakde,

Sadde vaaare puchle sawal mere ton,

Tere vallon assin bas Haan mangde,

jatt di clip v n news ban gye,

ban gye news jatt moorey aa gya…..

 

Jado diyaan akhaan tere naal ladiyaan,

Bhulle rataan diya neend balliye.

jatt di clip v n news ban gye,

ban gye news jatt moorey aa gya…..

 

Yaar velli bulauno Bhabhi tainu lag gye,

Ghar de vi mangde aaa tera pta balliye,

Nikka nikki chachi mami mangde,

Tu taan hoyi sada good luck ballye….

 

 

Ashu……

गुनाह

 

मैं साथ अपने गुनाह लिए चलता हूँ,

इक हद से खामोश हूँ,

तेरे इल्ज़ामों का शोर जो लिए चलता हूँ/

तुझसे मिलने को,

आँखें बंद करने की देरी,

बस इतना सा प्यार,

दिल में लिए चलता हूँ,

जो बीती आँखों आँखों मे,

उन जागती रातों के,

अधूरे सपने साथ लिए चलता हूँ,

कैसे खुद को ख़तम कर लूं,

मैं भी तो तेरी आखिरी निशानी हूँ,

इसलिए इन सांसों का,

बोझ उठाये चलता हूँ/

सुना है, वहाँ आहें पहुँच जाती हैं,

जो तेरी आँखों को रुला जाती हैं ,

खबर हमे भी है,

ये नम हवाएं,

तेरा क्या पैगाम मुझ तक पहुंचाती हैं,

इसलिए मुस्कुराता हुआ मैं चलता हूँ //

मैं चलता हूँ, मैं चलता हूँ

मैं साथ अपने गुनाह लिए चलता हूँ //

Ashusunil

Ashu

وں ساتھ اپنے گناہ لئے چلتا ہوں

اک حد سے چپ ہوں تیرے الزاموں کا شور لئے چلتا ہوں

تجھ سے ملنے کو بس آنکھیں کرنے کی دیری

بس اتنا سا پیار دل میں لئے چلتا ہوں

جو بیتی آنکھوں آنکھوں میں

وہ ادھورے سپنے ساتھ لئے چلتا ہوں

کیسے خود کو ختم کرلوں

میں بھی تو تیری آخری نشانی ہوں

اسلئے ان سانسوں کا بھوج اٹھاے چلتا ہوں

سنا ہے وہاں آہیں پہنچ جاتی ہیں

خبر ہمیں ہے تو بھی آہیں بھرے گا

اسلئے مسکراتا ہوا ہر پل چلتا ہوں

میں چلتا ہوں ساتھ  اپنے گناہ لئے چلتا ہوں

آشو سنیل

सफर

वो मोम बन ढलती रही ,
मैं धागा बन जलता रहा,
जो सफर साथ के लिए बना था,
वो तनहा तनहा कटता रहा,
यादें ऐसे दिल में जलती रही,
जैसे कोयला कोई सुलगता रहा,
ये सफर, जिसे जिंदगी कहते हैं,
कुछ उसके लिए अकेले कटा,
कुछ उसके बिना तनहा कटता रहा //

………………………………………आशु

Chaand or Raat (चाँद और रात )

 

तू चाँद जैसा, मैं रात जैसी,

बने तो हैं, हम इक दूजे के लिए,

पर पल भर का भी साथ नहीं/

दिन में सूरज से क्या लड़ती ,

रात में भी, तेरी चांदनी,

बन सौतन मुझको भगाती रही /

हार कर हमने,

दोस्ती की अमावस से,

सोचा कुछ नहीं से,

हर  पखवाड़े की एक रात सही,

पर तुमने मुँह फेर लिए उस रात,

जिसका मैं दिन भर इंतजार करती रही/

 

सबने की हैं कोशिश ,

मुझको तुझसे छुपा देने की,

आलम ये हुआ अब,

मैं हूँ, पर तुझको कभी दिखती नहीं /

पर यकीन कर,

मैं तेरे लिए ही हमेशा जीती रही,

इक तू हैं, बता तुमने कभी,

झूठी ही सही,

मुझको ढूंढ़ने की कोशिश कोई की कभी /

 

हार कर मैं, रात भर मैं,

खुद के अरमानो को कस,

देखती  हूँ इक तुझको बस,

पर ये कलमुहे बदल भी तो हैं,

जो इक तुझको ही ढक लेते हैं,

पल दो पल बाद, बस मुझको सताने,

ये मेरे-तेरे बीच में आ जाते हैं,

कुछ कह दूँ इनको तो,

ये इकठे हो बस छा जाते हैं,

पूरी रात छुपा कर तुमको मुझसे,

ये मेरी जान भी ले जाते हैं/

 

फिर

अपने ही अंधेरों में  मैंने ,

हौले हौले सुबह तक,

सर्द हो तन्हाइयों में,

तुमको ढूँढा हैं

पानी में पड़ती तेरी

बुझती-जगती परछाइयों में /

हो सके तो सुन ले,

इक खवाइश मेरी,

चाँदनीयो को छोड़ कर अपनी,

तू मुझको ढून्ढ ले अब,

अपने उजालों में या,

मेरे अंधियारों में //

…………………………………………………Cursed

kuch tumhare liye

1)

उम्मीदों की हिम्मत तो देखो,
पर उम्मीदों पर किसका बस चले /
जिससे दूर जाना है मुझे,
चाहता हूँ साथ वो भी चले //
……………………………….Ashu

2) हमें खबर है, हम जर्रा भी नही,
पर तुम्हारे साथ होता हूँ तो बेशकीमती हो जाता हूँ //
……………………………………………………..आशु

3) उससे छुपाना भी है,
उससे बताना भी है,
इश्क की पेचीदियाँ कैसी कैसी /
……………………………………आशु

4) मैं गर गिर जाऊं तो मुझे संभाल लेना
पर मेरी मोहब्बत को दिल में जगह देना //
मैंने किया है इजहार इस शेयर में,
तुम “वाह वाह” में इकरार कर देना //
……………………………………………….आशु

5) ऐ आशु, तेरी मोहब्बत की इंतिहा को तब जानू,
कि, तेरी दुआओं से पूरी उनकी ख्वाहिशें हो जाएं//
…………………………………………………..आशु ///

اے اشو تیری محبّت کی ایہا کو میں تبب جانو 
کی تیری دعاؤں سے پوری انکی خواہشیں ہو جایئں
بلال

6) wo kya baat the, jo mujhse khafa tum ho gye,
tu mujhse milke, mujse keh to sahi……………………………………..Ashu

7) रुक सी गई है, ये जिंदगी,
थम सी गई हैं तेरी यादें
और ख़त्म हुआ इनमे ,मैं ,……………………..Ashu

8)

ਰੱਬ ਤੋਂ ਫੇਰ ਭੀ ਮੈ ਲਕੋ ਸਕਦਾ ,
ਪਰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕੁਝ ਵੀ ਲਕੋਆ ਨਹੀਂ I
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਦਾ ਸਹਾਰਾ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਹਾਂ ਨੂੰ,
ਤੇ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਜੀਣ ਵੀ ਦੇਂਦੀਆਂ ਨਹੀਂ I

ashu

9) Kat lete zindagi ye jo char din ki hai,
bas tu ek bat maan leta,
bas tu thodi der ruk jata……………………….Ashu

 

10) तुझसे बेपनाह मोहब्बत भी है,
पर तुझे तन्हाई में कोसता भी हूँ/
तुझसे ही तो खुशियां हैं मेरी,
पर मैं तेरे दुःख का गुन्हेगार भी हूँ//
तुझे भूलने की हर पल ही है कोशिश,
पर हर पल तुझे सोचता भी हूँ//………….Ashu

 

11)

वो खामोश हैं , हम पल पल मरते हैं /
वो जा रहे हैं, और हम इंतजार करते हैं //
हम रोक लेते उनको इक बार,
काश वो आँखों से कुछ बात तो करते //

आशु

 

 

 

 

“Teri Yaad”

 

तेरी यादों ने आज फिर घेरा है,
आज फिर कुछ लिखने चला हूँ,
ऐ कलम, हो सके तो आज उसकी कमी लिख दे,
तुझे अश्कों में फिर आज डुबोने चला हूँ,
इक वादा तोड़ कर कैसे जीता हूँ मैं,
वही कुछ बहाने लिखने आज मैं चला हूँ,
साथ बैठ कर देखेंगे आसमाँ से, बस थोड़ा इंतजार और है,
आशु तेरा नाम, आज जमीन पर लिखने मैं चला हूँ ./

TUM

 

तुम जेठ मे छाव जैसे,

तुम सागर मे इक नाव जैसे,

तुम इच्छाओं मे अंतिम चेस्टा जैसे,

तुम्हे पा लेना पहली इच्छा जैसे,

तुम्हारा होना, अंतिम खवाईश जैसे,

तुम वायु मे वेग जैसे,

तुम सूर्या का तेज जैसे,

तुम धारा, तुम आकाश, तुम जीवन जैसे,

ट्सबको बाँध ले, तुम वो स्नेह जैसे,

तुम आँखो की खुशी जैसे,

तुम छलक्ते आँसू जैसे,

तुम अधरों की मुस्कान जैसे,

तुम चेहरे की उदासी जैसे,

तुम मेरा सब कुछ जैसे,

पर, तुम बिन मैं शून्य जैसे,

तुम्हारी अनुभूति प्राणो मे संचार जैसे,

तुम्हारी अनुपस्थिति विष पायला जैसे //